Tuesday, 4 April 2017

आनंद

    "आनंद"

हर ख़ुशी में आपके ,
गम का एक तिनका हैं ,
भुलाये उस हर गम को आपने,
 मुस्कुराना सिखाया हैं,

पता हुए भी अंजाम आप,
कोशिशो से हटे नहीं,
ज़िन्दगी जो बाकि थी जरासी,
उसे रोतें हुए जियें नहीं;

जब मन किया आपका,
दिल खोल कर हस पडें,
आंसुओं की बात आई जब,
दिल का वो बंद दरवाजा खोला नहीं;

दिल करता हैं रोदू फुटकर,
जब अब आप हमारे बीच नहीं,
पर मुस्कुरादेते हैं सुनकर,
आनंद मरा नहीं,
आनंद मरते नहीं;

        -मुकेश (AEM KAY) कुमरे.

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